Sunday, January 29, 2017

मैं एक माँगता हूँ वह देता हज़ार है

खालिक़ मेरा ग़युर है परवरदिगार है
सब कायेनात ईस की अबादत गूज़ार है
मूझ को मेरे ख़ुदा पे बड़ा फख़रो नाज़ है
मैं एक माँगता हूँ वह देता हज़ार है 

- ज़ीशान आज़मी

Khaliq mera ghayoor hain parwardigaar hai
sab kainat es ki ibadat guzaar hai

mujh ko mere khuda pe bada fakhro naaz hai
Mai ek maangta hoo wo deta hazaar hai.

- Zeeshan Azmi