Wednesday, July 19, 2017

ईमान का मरकज़ है ईमाने अबूतालिब

*ایمان کا مرکز ہے ایمانِ ابوطالب*

रोशन है ज़माने पर ईमाने अबूतालिब
अल्लाह ही जाने क्या है शाने अबूतालिब

रहने से रिसालत और रहने से इमामत के
पुर नूर जहां मे है अएवाने अबूतालिब

समझोगे ना हरगिज़ तुम कुरआन को रटने से
मोमिन को जो मिलता है इ़रफाने अबूतालिब

जब अ़ग़द मोहम्मद(स) का तय पाया ख़दीजा से
उस वक्त हुआ पूरा अरमान अबूतालिब

दुनिया ने अभी तक वह मीज़ान नहीं देखी
तुल जाये जहां यूंही एहसान अबूतालिब

यह बात वज़ाहत से मेहदी ही बताएंगे
ईमान का मरकज़ है ईमाने अबूतालिब

ज़ीशान को यह मतलब समझाओ ना ऐ मुफ्ती
बेहतर वह समझता है फैज़ाने अबूतालिब

✍ ज़ीशान आज़मी

*ایمان کا مرکز ہے ایمانِ ابوطالب*

1. روشن ہے زمانے پر ایمان ابو طالب
اللہ ہی جانے کیا ہے شان ابو طالب

2. رہنے سے رسالت اور رہنے سے امامت کے
پُر نور جہاں میں ہے ایوان ابو طالب

3. سمجھوگے نہ ہرگز تم قرآن کو رٹنے سے
مومن کو جو ملتا ہے عرفان ابو طالب

4. جب عقد محمد(ص) کا طے پایا خدیجہ سے
اس وقت ہوا پورا ارمان ابو طالب

5. دنیا نے ابھی تک وہ میزان نہیں دیکھی
تل جائے جہاں یونہی احسان ابو طالب

6. یہ بات وضاحت سے مہدی ہی بتائیں گے
ایمان کا مرکز ہے ایمانِ ابوطالب

7. ذیشان کو یہ مطلب سمجھاؤ نہ اے مفتی
بہتر وہ سمجھتا ہے فیضانِ ابو طالب

✍ ذیشان آعظمی

Youtube Channel Zeeshan Azmi

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