Sunday, August 13, 2017

सुकून दो क़रार दो, मेरा वतन संवार दो।

Happy 71st independence day - 2017

ज़ीशान आज़मी की तरफ से सभी भारतीय, देश वासियों को
स्वतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें
जय हिंद.

मौजे ग़ज़ल, आलमी तरही मुशायरा

मिला के हाथ प्यार दो, मेरा वतन संवार दो।
हर एक को एतबार दो, मेरा वतन संवार दो।

भुला के सारी रंजिशें, उठो ऐ देशवासियों!
चमन को फिर बाहर दो, मेरा वतन संवार दो।

ग़रीब की अमीर से यही तो बस है इल्तजा।
सुकून दो क़रार दो, मेरा वतन संवार दो।

मिटा के दुश्मनी सभी, अना को अपनी छोड़ दो।
लिबासे ज़िद उतार दो, मेरा वतन संवार दो।

ऐ नौजवानों! सर पे अब कफन को बांधकर उठो।
वतन पे जाँ निसार दो, मेरा वतन संवार दो।

उठाओ नेक काम पर क़दम ज़रा संभाल के।
ख़याले बद को मार दो, मेरा वतन संवार।

सलाम सरहदों के पासबां को है ज़ीशान का।
उसे वतन का प्यार दो, मेरा वतन संवार दो।

✍ ज़ीशान आज़मी

موجِ غزل، عالمی طرحی مشاعرہ

ملا کے ہاتھ پیار دو، مرا وطن سنوار دو
ہر اک کو اعتبار دو، مرا وطن سنوار دو

بھلا کے ساری رنجِشیں، اُٹھو اے دیش واسیو!
چمن کو پھر بہار دو، مرا وطن سنوار دو

غریب کی امیر سے یہی تو بس ہے التجا
سکون دو قرار دو، مرا وطن سنوار دو

مٹا کے دشمنی سبھی انا کو اپنی چھوڑ دو
لباسِ ضد اتار دو، مرا وطن سنوار دو

اے نوجوانو! سر پہ اب کفن کو باندھ کر اٹھو!!
وطن پہ جاں نثار دو، مرا وطن سنوار دو

اٹھاؤ نیک کام پر قدم ذرا سنبھال کے
خیالِ بد کو مار دو، مرا وطن سنوار دو

سلام سرحدوں کے پاسباں کو ہے ذیشان کا
اُسے وطن کا پیار دو، مرا وطن سنوار دو

✍ ذیشان آعظمی

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