Wednesday, January 24, 2018

Aabad rahe amn ka gulzaar watan me

अब खत्म करो   आपसी    तकरार वतन में
ज़ाहिर करो बस प्यार   का इज़हार वतन में

यह अह्द करे दिल से कि अपनों को संवारे
ढूंढे से भी मिल  पाए   ना बदकार  वतन में

हर शक्स को अब काम मिले काम हो ऐसा
बैठा   न रहे    कोई    भी बेकार    वतन में

हम साफ रखें     देश हमारा    यह वतन है
ताकि न मरे       कोई भी    बीमार वतन में

रिशवत से भी हो पाक यह अब देश हमारा
हर शक्स का    बेदाग़ हो किरदार  वतन में

नेताजी अगर काम     को ईमां    से  करेंग
महंगाई की गिर जाएगी    दीवार  वतन में

आओ सभी करते हैं दुआ मिलके खुदा से
आबाद रहे   अम्न का    गुलज़ार वतन में

पूछो ना मुझे लेन   का और देन का सौदा
ज़ीशान बहुत  काला है   व्यापार वतन में

✍ ज़ीशान आज़मी

اب   ختم  کرو    آپسی     تکرار     وطن میں
ظاہر    کرو    بس    پیار   کا اظہار وطن میں

یہ عہد   کریں دل   سے کہ اپنوں کو سنوارے
ڈھونڈے سے بھی مل پائے نہ بدکار وطن میں

ہر شخص   کو اب    کام    ملے    کام ہو ایسا
بیٹھا نہ رہے    کوئی    بھی  بیکار وطن میں

ہم صاف    رکھیں   دیس    ہمارا یہ وطن ہے
تاکہ نہ مرے   کوئی      بھی بیمار وطن میں

رشوت سے بھی ہو پاک    یہ   اب دیس ہمارا
ہر شخص  کا   بے داغ    ہو   کردار وطن میں

نیتاجی    اگر   کام    کو     ایماں سے کرینگے
مہنگائی کی گر   جائیگی  دیوار    وطن میں

آؤ   سبھی کرتے     ہیں   دعا مل کے خدا سے
آباد    رہے     امن     کا     گلزار     وطن میں

پوچھو    نہ مجھے   لین کا اور دین کا سودا
ذیشان   بہت    کالا ہے    بیوپار     وطن میں

✍ ذیشان آعظمی

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