Tuesday, January 16, 2018

Bana di majliso ki kaainaat Zainab (sa) ne

बचाया दिन को    दिन और   रात ज़ैनब ने
उठाई    कर्बला में    मुश्किलात   ज़ैनब ने

कभी ना छोड़ना दामन नमाज का    लोगों
पढ़ी है    रंजो अलम     में सलात ज़ैनब ने

अली के लहजे में दरबारे    शाम में आकर
कि इनकेशाफ यज़ीदों कि ज़ात   ज़ैनब ने

ज़माने वालों को मेंबर से   आज बतलाओ
जहां-जहां जो कीं है हक़ की बात ज़ैनब ने

कोई यज़ीद सा    ज़ालिम न  र उठाएगा
सितमगरों को दी है    ऐसी मात    ज़ैनब ने

बीछा के फरशे अज़ा देखिए यज़ीद के घर
बना दी मजलिसों की   कायनात ज़ैनब ने

यही     अक़ीदा है ज़ीशान    का हमेशा से
अता की फरशे   अज़ा को हयात ज़ैनब ने

✍ ज़ीशान आज़मी

بچایا دین     کو دن    اور       رات زینب نے
اٹھائی     کربلا     میں     مشکلات زینب نے

کبھی     نہ چھوڑنا     دامن    نماز  کا لوگو
پڑھی ہیں     رنج و الم میں صلات زینب نے

علی کی     لہجے   میں   دربارِ شام میں آکر
کی      انکشاف    یزیدوں  کی ذات زینب نے

زمانے والوں   کو منبر     سے      آج    بتلاؤ
جہاں جہاں جو کی ہے حق کی بات زینب نے

کوئی     یزید    سا     ظالم نہ   سر اٹھائےگا
ستم گروں کو دی     ہے ایسی مات زینب نے

بچھا    کے فرشِ عزا     دیکھئے یزید کے گھر
بنادی مجلسوں     کی      کائنات     زینب نے

یہی    عقیدہ       ہے ذیشان     کا ہمیشہ سے
عطا کی        فرشِ عزا     کو حیات زینب نے

✍ ذیشان آعظمی

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