Friday, February 16, 2018

Log kahte hain zindagi kam hai

आज दुनिया   में हर खुशी कम है
क्योंकि   सरकार   की सईं कम है
काम  होता   नहीं   है कुछ अच्छा
क्या हुकूमत की पोख़तगी कम है
रहनुमा   बन गए   अवाम  के जो
देखिए  उनकी   अक़्ल ही कम है
नेक आमाल   करना चाहिए अब
हम मे ईमां    की रोशनी   कम है
कल महकते थे लाखों फूल मगर
आज फूलों    की ताज़गी कम है
अपने आमाल    का ख्याल रखो
उम्र दुनिया में    लोगों की कम है
कीजिए    हमसे    प्यार की बातें
लोग   कहते हैं    जिंदगी  कम है
उनके दुश्मन   नहीं हुआ    करते
जिन की   ज़ीशान दोस्ती  कम है

✍ ज़ीशान आज़मी

234 ویں دیا آن لائن مشاعرے  کیلئے
یکجا کلام پیش ہے:

آج دنیا    میں   ہر   خوشی کم ہے
کیونکہ    سرکار   کی سعی کم ہے
کام    ہوتا    نہیں    ہے کچھ اچھا
کیا    حکومت کی    پُختگی کم ہے
رہنما بن    گئے    عوام    کے   جو
دیکھئے   ان کی    عقل ہی کم ہے
نیک    اعمال    کرنا    چاہئے   اب
ہم میں    ایماں کی روشنی کم ہے
کل مہکتے تھے لاکھوں پھول مگر
آج   پھولوں    کی    تازگی کم ہے
اپنے    اعمال     کا    خیال  رکھو
عمر    دنیا    میں  لوگو کی کم ہے
کیجئے    ہم   سے   پیار  کی باتیں
لوگ   کہتے   ہیں    زندگی  کم ہے
ان کے    دشمن   نہیں    ہوا  کرتے
جن  کی    ذیشان   دوستی کم ہے

✍ ذیشان آعظمی

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