Thursday, March 8, 2018

Aaino ke darmiya ek aaina hai Fatema(saw)


दो    जहां की    औरतों   की  सय्यदा है फातिमा
किस कदर आखिर फज़ीलत याफता है फातिमा

हम बयां करने से   क़ासिर हैं  फज़ीलत आप की
आपका किरदार    ही    एक मोजेज़ा है फातिमा

नेक बेटी,     नेक ज़ौजा,      मादरे हसनैन    भी
आपका    दुनिया     में आली  मर्तबा है फातिमा

किस लिए    उनकी    गवाही रद    हुई दरबार में
जब के ये  कुरान    में हैं     सादेक़ा    है फातिमा

लोग    देते हैं    मिसालें     उनके ही किरदार की
सबेरा है,    शाकेरा है,      आबिदा     है फातिमा

जब भी      देखा है     हिसारे इसमते   मासूम में
आईनो के     दरमियां     एक आईना है फातिमा

बस यही ज़ीशान    का भी    है अक़ीदा  दहर में
बिलयक़ीं    हक़्क़ानियत    का रास्ता है फातिमा

✍ ज़ीशान आज़मी

دو  جہاں   کی   عورتوں  کی سیدہ ہے فاطمہ
کس    قدر    آخر   فضیلت  یافتہ   ہے  فاطمہ

ہم بیاں کرنے   سے قاصر ہیں فضیلت  آپ کی
آپ   کا   کردار   ہی    اک   معجزہ  ہے   فاطمہ

نیک بیٹی،   نیک زوجہ     مادرِ حسنین   بھی
آپ کا    دنیا میں    عالی   مرتبہ    ہے   فاطمہ

کس لئے    ان کی    گواہی  رد ہوئی دربار میں
جب کہ    یہ قرآن  میں    ہے صادقہ ہے فاطمہ

لوگ دیتے    ہیں مثالیں   ان  کے ہی  کردار کی
صابرہ ہے،      شاکرہ ہے،      عابدہ    ہے فاطمہ

جب بھی دیکھا ہے حصارِ عصمتِ معصوم میں
آئینوں   کے   درمیاں    اک   آئینہ   ہے   فاطمہ

بس یہی    ذیشان   کا بھی  ہے عقیدہ دہر میں
بالیقیں     حقانیت    کا    راستہ   ہے    فاطمہ

✍ ذیشان آعظمی

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