Thursday, March 1, 2018

Lekin wo muflisi ke batashe kuch aur the

दुनिया में ठाठ   बाट   हमारे   कुछ और थे
बचपन के  खेल और   तमाशे कुछ और थे

अब यह ज़माना अच्छा  नहीं लगता है मुझे
जो वक्त   साथ तेरे    गुज़ारे  कुछ   और थे

अच्छी तरह निभाते   थे वह   दोस्ती   मगर
बातिन में   दोस्तों के   तक़ाज़े कुछ और थे

महसूस   हो गया   इलेक्शन    के   बाद में
तक़रीर उनकी कुछ थी, इशारे कुछ और थे

हर शै   खुदा   के फज़्ल   से चाहूं खरीद लूं
लेकिन वह मुफलिसे के बताशे कुछ और थे

ज़ीशान   बचाया   इसलिए   परवरदिगार ने
मुजरिम के  मरने वाले  इलाक़े कुछ और थे

✍ ज़ीशान आज़मी

موجِ سخن کے تحت 227 ویں بین الاقوامی
فی البدیہہ طرحی مشاعرہ میں میری کاوش :

دنیا   میں  ٹھاٹ  باٹھ  ہمارے  کچھ اور تھے
بچپن    کے کھیل   اور   تماشے کچھ اور تھے

اب   یہ    زمانہ   اچھا نہیں   لگتا ہے  مجھے
جو وقت   ساتھ   تیرے گزارے کچھ اور تھے

اچھی   طرح نبھاتے   تھے   وہ   دوستی مگر
باطن   میں   دوستو کے تقاضے کچھ اور تھے

محسوس   ہو گیا   یہ   الیکشن   کے بعد میں
تقریر ان کی کچھ تھی، اشارے کچھ اور تھے

ہر شے  خدا کے  فضل  سے  چاہوں  خرید لوں
لیکن   وہ   مفلسی   کے  بتاشے کچھ اور تھے

ذیشان    بجایا     اس     لئے    پروردگار    نے
مجرم    کے   مرنے   والے علاقے کچھ اور تھے

✍ ذیشان آعظمی

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