Sunday, April 22, 2018

Ab mushkilaat e waqt ka arsaa qaleel hai

फिर इत्तेबाए   नफ्स मे   अब्दे   ज़लील है
इमान देख  कौम का   कितना   अलील है

कहता हूं मैं  यक़ीन  से दुनिया   के सामने
अल्लाह  का   क़लाम   फसीहो जमील है

हुज्जत   न मौलवी हैं न शायर की शायरी
कुरान की  दलील   ही   सच्ची   दलील है

आने को एक मसीहा है मिनजानिबे खुदा
अब मुश्किलाते वक्त का अरसा क़लील है

अल्लाह पर  भरोसा   किया कर जहांन मे
ज़ीशान बस  खुदा ही कफीलो  वकील है

✍ ज़ीशान आज़मी

پھر    اتّباعِ نفس    میں     عبدِ ذلیل  ہے
ایمان   دیکھ    قوم    کا  کتنا   علیل ہے

کہتا  ہوں میں   یقین سے دنیا کے سامنے
اللہ    کا    کلام    فصیح   و    جمیل ہے

حجت نہ مولوی ہیں نہ شاعر کی شاعری
قرآن   کی    دلیل    ہی   سچی  دلیل ہے

آنے  کو    اک   مسیحا ہے من جانب خدا
اب   مشکلاتِ وقت    کا عرصہ  قلیل ہے

اللہ پر   بھروسہ    کیا    کر جہان    میں
ذیشان    بس  خدا   ہی    کفیل وکیل ہے

✍ ذیشان آعظمی

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