Saturday, April 14, 2018

Ho Raha Hy Murtuza Ka Tazkera Meraaj Par

हो  रही है    फिर मोहम्मद(स) की  सना मेराज पर
जानते     हैं सब    नबी     का मर्तबा     मेराज पर

ले गया बंदे    को अपने    अर्श पर   वह   इसलिए
हश्र की     थी हर    निशानी     रुनुमा    मेराज पर

मिल नहीं सकता किसी भी शख्स को वह हश्र तक
एक ही    शब में    नबी को     जो मिला मेराज पर

गुफ्तुगू जब मुसतुफा (स) से कि   खुदा   ने देखिए
था बहुत कम    दरमियानी    फासला    मेराज पर

मैं नबी की    जात की   तारीफ    क्यों कर ना करूं
अपनी उम्मत    के लिए    की है    दुआ मेराज पर

मैं सुखनवर   आपका हूं   ऐ    नबी   कहता   हूं मैं
आपका  अखलाक़    दुनिया में    रहा   मेराज पर

कितना   आला    मर्तबा है   आसमां    पर देखिए
हो  रहा    है मुर्तुजा    का तज़केरा    मेराज    पर

नात वह क़िरतास     पर ज़ीशान     ने की है रक़म
अब भी     चर्चा हो    रहा है    नात  का मेराज पर

✍ ज़ीशान आज़मी

ہو  رہی    ہے    پھر محمد(ص) کی ثنا معراج پر
جانتے    ہیں    سب    نبی   کا    مرتبہ معراج پر

لے گیا    بندے    کو    اپنے   عرش پر وہ اس لئے
حشر   کی   تھی   ہر    نشانی    رونما معراج پر

مل نہیں سکتا کسی بھی شخص کو وہ حشر تک
ایک   ہی    شب   میں  نبی کو جو ملا معراج پر

گفتگو جب مصطفی(ص)  سے کی خدا نے دیکھئے
تھا بہت    کم     درمیانی    فاصلہ     معراج   پر

میں   نبی کی  ذات کی تعریف کیوں کر نہ کروں
اپنی   امت   کے    لئے کی    ہے دعا    معراج  پر

میں سخنور    آپ کا   ہوں اے نبی کہتا ہوں میں
آپ     کا    اخلاق    دنیا میں    رہا    معراج   پر

کتنا     اعلیٰ    مرتبہ     ہے    آسماں    پر دیکھئے
ہو    رہا      ہے     مرتضیٰ    کا تذکرہ   معراج پر

نعت    وہ     قرطاس    پر زیشآن نے کی ہے رقم
اب بھی    چرچا     ہو رہا   ہے نعت کا معراج پر

✍ ذیشان آعظمی

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