Monday, April 9, 2018

Is jahaa me teri misaal kaha

अब ज़माने    में  वह  अयाल कहां
हम कहां और नबी की ऑल कहां

मिट   गई  हर    किताब दुनिया से
एक है   कुरान  इसे   ज़वाल कहां

दर्स ही   दर्स है    खुदा का कलाम
शायरो   का है    यह   ख्याल कहां

पीते हैं   अब   शराब  मुस्लिम  भी
पर यह   कुरान   में   हलाल  कहां

जिससे जिन्नात पर हुआ था असर
अब तिलावत में  वह कमाल कहां

तू   हिदायत   की है   किताब यहां
इस जहां   में   तेरी   मिसाल कहां

देख ज़ीशान   सामईन   का  हाल
सुनते   हैं   पूछते    सवाल   कहां

✍ ज़ीशान आज़मी

اب زمانے    میں    وہ  عیال کہاں
ہم کہاں    اور   نبی   کی آل کہاں

مٹ    گئی     ہر    کتاب  دنیا سے
اک ہے   قرآن     اسے    زوال کہاں

درس   ہی   درس  ہے خدا کا کلام
شاعروں    کا   ہے  یہ   خیال کہاں

پیتے ہیں  اب    شراب مسلم  بھی
پر    یہ    قرآن  میں   حلال  کہاں

جس   سے  جِنّات  پر  ہوا   تھا اثر
اب  تلاوت    میں وہ  کمال   کہاں

تو ہدایت     کی    ہے   کتاب یہاں
اس   جہاں میں   تری  مثال  کہاں

دیکھ    ذیشان  سامعین   کا  حال
سنتے  ہیں   پوچھتے   سوال  کہاں

✍ ذیشان آعظمی

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