Friday, May 25, 2018

Itna ye gham khilaayega khayaa na jayega

ज़ुल्मो खता का बोझ उठाया   ना जाएगा
माले हराम   हमसे   तो  खाया न जाएगा

ताउम्र सजदा   शुक्र   का  करते रहेंगे हम
एहसान रब का हमसे   छुपाया न जाएगा

खौफे खुदा में जिसने किया जिंदगी बसर
वह शख्स आख़िरत में रुलाया न जाएगा

बचते रहो  मुनाफिक़ों की   दोस्ती से तुम
इतना यह ग़म खिलाएगा खाया ना जाएगा

ज़ीशान कारे खैर    मुसलसल  किया करो
जब तक तुम्हें जहां   से बुलाया न जाएगा

✍ ज़ीशान आज़मी

جرم و خطا کا   بوجھ  اٹھایا نہ جائے گا
مالِ حرام   ہم سے   تو  کھایا نہ جائے گا

تا عمر   سجدہ شکر  کا کرتے رہیں گے ہم
احسان رب   کا ہم سے  چکایا نہ جائے گا

خوفِ خدا میں   جس نے کیا زندگی بسر
وہ شخص   آخرت   میں رلایا نہ جائے گا

بچتے   رہو منافقوں   کی دوستی سے تم
اتنا    یہ غم    کھلائے گا کھایا نہ جائے گا

ذیشان    کارِ خیر       مسلسل    کیا  کرو
جب تک تمھیں جہاں سے بلایا نہ جائے گا

✍ ذیشان اعظمی

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