Saturday, October 6, 2018

Zakhm karte rahe hara kuch log

मेरे हक़  में किए  दुआ कुछ लोग
मेरे  खातिर बने  दवा   कुछ लोग

भूल कर तुझको  दर पर औरों के
हाथ  फैलाते हैं  खुदा  कुछ लोग

अपने ही कुछ मफाद  के खातिर
करते हैं दोस्त को जुदा कुछ लोग

बेवफा होते  हैं   समाज   में  पर
चाहते थोड़ी   सी वफा कुछ लोग

ऐशो इशरत    के वास्ते     माँ को
छोड़ देते हैं   बा खुदा  कुछ लोग

कैसे आराम   हम   भला     पाते
ज़ख्म करते    रहे हरा  कुछ लोग

वादा ज़ीशान   तोड़कर    अपना
लोगों को देते   हैं दगा़ कुछ  लोग

✍ ज़ीशान आज़मी

میرے حق میں  کئے دعا کچھ لوگ
میرے   خاطر    بنے  دوا کچھ لوگ

بھول کر   تجھ کو در پہ اوروں کے
ہاتھ پھیلاتے   ہیں   خدا کچھ لوگ

اپنے ہی    کچھ    مفاد   کی خاطر
کرتے ہیں دوست کو جدا کچھ لوگ

بے وفا   ہوتے   ہیں   سماج میں پر
چاہتے   تھوڑی   سی وفا کچھ لوگ

عیش و عشرت کے  واسطے ماں کو
چھوڑ دیتے   ہیں  با خدا کچھ لوگ

کیسے     آرام      ہم     بھلا    پاتے
زخم کرتے    رہے   ہرا    کچھ   لوگ

وعدہ       ذیشان      توڑ   کر   اپنا
لوگوں  کو دیتے ہیں  دغا کچھ لوگ

✍ ذیشان اعظمی

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