Monday, December 24, 2018

Yeh dil to koi kaam bhi hone nahi deta

हंसने    नहीं  देता     मुझे     रोने     नहीं देता
नेता वह    मुझे     चैन    से    सोने  नहीं देता

शादाब हो जिस काम से इस शहर का गुलशन
वह   बीज भी    नेता     मुझे  बोने   नही देता

मासूमों के होठों    की     हंसी     छीन  रहा है
बच्चों के     वह हाथों में   खिलौना   नहीं देता

कानून है    कैसा के     है     मजबूर   सहाफी
नेता के    गिरेबान     को     टोने     नहीं  देता

एक बार जो  मिल जाए किसी झूठ के दम पर
नेता कभी     उस    कुर्सी को   खोने नहीं देता

खुद चाहता    है खाता    रहे लूट    के  दौलत
नेता वह    कभी     दूसरा     होने    नहीं देता

जज़्बात में   ज़ीशान न  सुनना कभी दिल की
यह दिल    तो कोई   काम   भी होने नहीं देता

✍ ज़ीशान आज़मी

ہنسنے نہیں     دیتا    مجھے  رونے  نہیں دیتا
نیتا وہ   مجھے   چین   سے سونے  نہیں دیتا

شاداب ہو   جس   کام سے  اس شہر کا گلشن
وہ بیج  بھی نیتا   مجھے     بونے  نہیں  دیتا

معصوموں کے ہونٹوں کی ہنسی چھین رہا ہے
بچوں   کے وہ ہاتھوں  میں کھلونے نہیں دیتا

قانون   ہے   کیسا کے   ہے    مجبور   صحافی
نیتا کے    گریبان     کو    ٹونے     نہیں   دیتا

اک  بار جو مل جائے  کسی جھوٹ کے دم پر
نیتا  کبھی   اس  کرسی کو  کھونے نہیں دیتا

خود چاہتا    ہے کھاتا   رہے   لوٹ    کے دولت
نیتا وہ    کبھی    دوسرا    ہونے  نہیں    دیتا

جذبات    میں   ذیشان نہ  سننا کبھی دل کی
یہ دل    تو  کوئی کام    بھی ہونے نہیں دیتا

✍ ذیشان آعظمی

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