Monday, April 29, 2019

Kabhi khushi kabhi ranj o malaal deta hai

मेरा खुदा   मुझे   इल्मो   ख़याल  देता है
मुसीबतों  को  मेरे   सर   से  टाल देता है

ख़याल रखते हैं  जो अपने रिश्तेदारों का
खुदाए हक़   उन्हें रिज़क़े  हलाल देता है

किसी के सामने  दामन नहीं जो फैलाता
उसे खुदा   बड़े   अच्छे   से पाल देता है

रज़ाए रब के लिए जो मदद करें सब  की
ज़माना   ऐसे   बशर  की मिसाल देता है

मुझे नहीं   है   भरोसा किसी भी नेता पर
बहाने करके   वो   हर काम  टाल देता है

खुदा के इल्म में सब है,  वही तो इंसां को
कभी  खुशी    कभी   रंजो मलाल देता है

अजीब  बात है ज़ीशान जो हैं ना वाक़िफ
वह   नाम    चार मे   मेरा उछाल   देता है

✍ ज़ीशान आज़मी

مرا خدا    مجھے    علم و خیال     دیتا ہے
مصیبتوں    کو مرے    سر سے ٹال دیتا ہے

خیال رکھتے   ہیں جو اپنے رشتہ داروں کا
خدائے حق    انھیں    رزقِ حلال    دیتا ہے

کسی    کے    سامنے دامن نہیں جو پھیلاتا
اسے    خدا بڑے    اچھے   سے  پال دیتا ہے

رضائے رب  کے   لئے جو مدد کرے سب کی
زمانہ     ایسے     بشر کی     مثال  دیتا ہے

مجھے  نہیں ہے بھروسہ کسی بھی نیتا پر
بہانے     کرکے    وہ    ہر    کام  ٹال دیتا ہے

خدا کے علم میں سب ہے وہی تو انساں کو
کبھی   خوشی   کبھی  رنج و ملال دیتا ہے

عجیب   بات   ہے   ذیشان جو ہیں نا واقف
وہ    نام    چار    میں  میرا اچھال دیتا ہے

✍ ذیشان آعظمی

No comments:

Post a Comment

Your comments are appreciated and helpful. Please give your feedback in brief.